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अपनी मांगों को लेकर तहसीलदार, नायब तहसीलदार सामूहिक हड़ताल पर, राजस्व काम हुए ठप



इंदौर. चुनावी साल में लगातार कमर्चारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर जा रहे हैं। संविदाकर्मियों के बाद अब तहसीलदार और नायब तहसीलदार अपनी मांगों को लेकर मंगलवार से चार दिनी सामूहिक हड़ताल पर चले गए हैं। इनके हड़ताल पर जाने से राजस्व काम प्रभावित होने ठप हो गए हैं।करीब 1 हजार कर्मचारी हड़ताल में शामिल- मप्र राजस्व अधिकारी (कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा) संघ के आह्वान पर इंदौर सहित प्रदेशभर के तहसीलदार और नायब तहसीलदार 12 से 15 जून तक चार दिन के सामूहिक अवकाश पर चले गए हैं। उनका कहना है कि यदि इसके बाद भी सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी जो वे 25 जून से 9 जुलाई तक अवकाश पर रहेंगे। जिले के 16 अधिकारी और प्रदेशभर के करीब एक हजार अधिकारी इसमें शामिल हो रहे हैं।ये हैं इनकी मांगें- वेतन विसंगति दूर करते हुए ग्रेड पे बढ़ाया जाए।- तहसीलदारों को पदोन्नत करते समय राजपत्रित वर्ग-1 किया जाए।- न्यायालयीन काम के लिए अधिकारियों को प्रोटेक्शन एक्ट के दायरे में लाया जाए।- विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक बुलाकर पदोन्नति की जाए।इस प्रकार की वेतन विसंगति से नाराज हैं- बता दें कि वर्तमान में नायब तहसीलदारों का ग्रेड-पे 3600 एवं पदोन्नति के बाद 4200 दिया जाता है, जबकि



समकक्षीय पद मुख्य नपा सहायक परियोजना अधिकारी का पदोन्नति के बाद ग्रेड-पे 5400 हो जाता है।- वहीं तहसीलदार का ग्रेड-पे 4200 है, जो कि पदोन्नति के बाद 5400 हो जाता है, जबकि समकक्ष पद जनपद सीइओ, बाल परियोजना अधिकारी पदोन्नति के बाद 6600 ग्रेड-पे पर चले जाते हैं। हड़ताल पर गए कर्मचारी इसी विसंगति को दूर करने की मांग कर रहे हैं।





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