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बच्चों में देश भक्ति की भावना जगाने सरकार ने लिया बड़ा निर्णय, नए सत्र से शुरू होगा ये नियम



बच्चों में देश भक्ति की भावना जगाने सरकार ने लिया बड़ा निर्णय, नए सत्र से शुरू होगा ये नियम ग्वालियर। सरकारी स्कूलों के बच्चे अब रोज हाजिरी लिए जाने के दौरान यस सर नहीं...या उपस्थित श्रीमान जी आदि शब्द नहीं बोलेंगे। इन शब्दो के स्थान पर अब जयङ्क्षहंद सर का उच्चारण करना होगा। बच्चों को नया शब्द बोलने के लिए अभ्यास कराने की जिम्मेदारी शिक्षकों को सौंपी गई है। सरकारी तथा प्राइमरी स्कूलों में नियमित उपस्थित के दौरान बच्चों के द्वारा परंपरागत तरीके से यस सर अथवा अलग-अलग जिलों में अलग अलग शब्द का उपयोग किए जाने की परंपरा है। इन शब्दों से बच्चों की उपस्थिति तो रजिस्टर में लग जाती है लेकिन इससे बच्चों को किसी प्रकार का संदेश नहीं मिलता न ही उनके मन में कोई भाव पैदा होता है। यह भी पढ़ें : देव से शांति, मंदिरों में उमड़ी भक्तों की भीड़ स्कूल शिक्षा विभाग के उपसचिव प्रमोदसिंह ने १५ मई को सभी डीईओं को निर्देश जारी कर हाजिरी लिए जाने के दौरान जयङ्क्षहद का उपयोग करने के निर्देश दिए है। सरकार का मानना हैकि इस शब्द के उपयोग से बच्चों में देश भक्ति की भावना पैदा होगी। बच्चे बड़े होकर किसी भी देश



विरोधी गतिविधि मेंं भाग लेने से परहेज करेंगे। आदेश की जानकारी से सभी संस्था प्रमुखों को नए सत्र से पहले अवगत कराना होगा। यह भी पढ़ें : क्योकि नए सत्र से स्कूलों में नए शब्द का उपयोग किया जाना है। अभी तक जयहिंद शब्द का उपयोग सेना अथवा पैरामिलेट्री फोर्स जवानों के दौरान अपने अधिकारियों को सैल्यूट देने के दौरान किया जाता है। जिले में शासकीय स्कूलों की संख्या २५०० है और इन स्कूलों में १.५० लाख से अधिक बच्चे अध्ययनरत है।   "यस सर के स्थान पर उपस्थित के दौरान जयहिंद बोलने का शिक्षा विभाग से आदेश जारी हो गया है। इस संबंध में सभी संस्था प्रधानों को अवगत कराया जा रहा है। नए सत्र से पालन कराने की योजना है।"व्हीएस सिकरवार डीईओ भिण्ड





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