Spirituality

बच्चों ने खेलते हुए टीले की मिट्टी हटाई, निकला 200 साल पुराना शिवमंदिर



बच्चों ने खेलते हुए टीले की मिट्टी हटाई, निकला 200 साल पुराना शिवमंदिर टीले की तरह दिख रहे मंदिर के गुम्बद को बच्चे क्रिकेट खेलने के दौरान STUMPS के रूप में यूज करते थे।  खेल के दौरान उन्होंने टीले के पास की मिटी हटाई तो उन्हें मंदिर का गुम्बद दिखाई दिया। इसके बाद उन्होंने अपने अभिभावकों को जानकारी दी। इसके बाद खुदाई की गई तो जमीन के नीचे मंदिर और शिवलिंग निकला। यह देख

भक्तों की भीड़ लग गई और पूजन अर्चन शुरू हो गया। लोगों ने बताया कि कॉलोनी के कुछ बच्चों ने खेलते-खेलते मिट्टी हटाई तो मंदिर और शिवलिंग का आभास हुआ। इस पर हर्ष राठौर सहित निलेश राठौर, नमन सकलेचा, ललित राठौर, शेखर सोलंकी, प्रज्ज्वल सकलेचा, अनुराग सोलंकी, जुबेर, लाला आदि ने मिट्टी हटाना शुरू किया। जैसे-जैसे मिट्टी हटती गई



मंदिर बाहर आता गया।  इस पर बच्चों ने इसकी जानकारी दी। जब सबसे मिलकर खुदाई शुरू की तो पूरा मंदिर और शिवलिंग हमारी आंखों के सामने था। 

   मंदिर व शिवलिंग निकलने की जानकारी लगते ही भीड़ उमड़ पड़ी। लोग अब नंदी भगवान होने की आस में अभी खुदाई कर रहे हैं। जानकारी के बाद एसडीएम जगदीश गोमे ने भी मंदिर का मुआयना किया और रहवासियों व समाजजनों से मंदिर के इतिहास की जानकारी ली। पुरातत्वविद डॉ. आरसी ठाकुर ने बताया कि उक्त मंदिर मराठा कालिन है, जो करीब 200 वर्ष पुराना है। मंदिर के

समीप नाला बहता है।  प्राचीन समय में नाले का पानी साफ रहता था। जिसमें नगर के रहवासी स्नान के लिए आते थे। ऐसे में राठौर समाज द्वारा मंदिर के पास घाट का निर्माण कराया था। जिसे रहवासी तेली घाट के नाम से भी जानते हैं। राठौर समाज के पवन परमार ने बताया कि 1925 के रिकॉर्ड में मंदिर, घाट व बगीचा दर्ज है। भू-माफियाओं ने उक्त मंदिर के पास की जमीन खरीदी थी, जिसमें मिट्टी का भराव करते-करते मंदिर को भी दबाने का प्रयास किया गया था। उस समय समाज द्वारा विरोध करने पर काम रुक गया था, लेकिन मंदिर मिट्टी में दब गया था। अब प्रशासन से इस संबंध में रिकॉर्ड उपलब्ध कराकर मंदिर के जीर्णोद्धार की मांग की

जा रही है।





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