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इन लक्षणों से जाने आपको कालसर्प योग है की नहीं, और है तो करे ये उपाय



इन लक्षणों से जाने आपको काल सर्प योग है की नहीं, और है तो करे ये उपाय अगर आप कालसर्प योग के बारे में जानना चाहते हैं कि इसके होने पर व्यक्ति को क्या परेशानि होती है, इसके लक्षण क्या क्या होते हैं, तो आपको किसी ज्योतिष के पास अपनी जन्म कुंडली दिखाने की जरूरत नहीं, आप स्वयं भी कालसर्प दोष के बारे में अपने साथ कुछ अलग होने वाली घटनाओं से जान सकते है, साथ ही इसके निवारण के उपाय भी स्वयं ही अपने पर बिना किसी रूपया पैसा खर्च किए कर सकते हैं ।   कालसर्प योग के लक्षण 1- जिसे कालसर्प दोष होगा उसे सपने में नदी, तालाब, कुएं, और समुद्र का पानी दिखाई देता है । 2- सपने में वह खुद को पानी में गिरते एवं उससे बाहर निकलने का प्रयास करते हुए देखता है ।   3- उसे रात को उल्टा होकर सोने पर ही चैन की नींद आती है । 4- उसके सपने में मकान अथवा पेड़ों से फल आदि गिरते दिखाई देता है ।   5- जिसे कालसर्प दोष होगा उसे पानी से और अधिक ऊंचाई से डर लगता है । 6- उसके मन में कोई अंजाना सा भय बना



रहता है ।   7- अक्सर वह सपने में खुद को दूसरे लोंगो से लड़ते झगड़ते हुए देखता है । 8- ऐसे लोंगो को बुरे व डरावने सपने आते है, एवं अक्सर साँप भी दिखाई देता है ।   9- जिसे कालसर्प दोष होगा और यदि वह संतानहीन हो तो उसे किसी स्त्री के गोद में मृत बालक दिखाई देता है । 10- अक्सर उसे सपने में विधवा महिलायें दिखाई देती है ।   11- उसे नींद में अपने शरीर पर साप रेंगता हुआ महसूस होता है । 12- श्रावन के महिने ऐसे लोगों का में मन हमेशा प्रसन्न रहता है ।  इन छोटे -छोटे उपायों को समय व सुविधा अनुसार स्वयं ही करने पर कालसर्प दोष को बिना किसी खर्च के भंग किया जा सकता है ।   1- 108 राहु यंत्रों को जल में प्रवाहित करें ।2- सवा महीने तक जौ के दाने पक्षियों को खिलाएं । 3- किसी शुभ मुहूर्त में अपने घर के मुख्य द्वार पर अष्टधातु या चांदी का स्वस्तिक लगाएं और उसके दोनों ओर धातु निर्मित नाग भी लगाएं । 4- अमावस्या के दिन अपने पितरों को शांत व तृप्त कराने के लिए दान आदि करें ।5- किसी शुभ मुहूर्त में नागपाश यंत्र अभिमंत्रित कर धारण करें और अपने शयन कक्ष में पलंग की चादरे व पर्दे लाल रंग के ही प्रयोग में लायें । 6- प्रति मंगलवार श्री हनुमान चालीसा का 108 बार पाठ करें और हनुमान जी पर सिंदूर, चमेली का तेल व बताशा चढ़ाएं । 7- शनिवार को पीपल पर मिट्टी के शिवलिंग बनाकर चढ़ाये व नमः शिवाय मंत्र का 108 बार जप करें । ऐसा ग्यारह शनिवार तक करें । 8- सोमवार को शिव मंदिर में चांदी के नाग की पूजा करें, पितरों का ध्यान करें एवं श्रध्दापूर्वक बहते हुए नदी के पानी में नागदेवता का विसर्जन करें । 9- श्रावण के महिने में पूरे 30 दिनों तक भगवान महादेव का दही से अभिषेक करें । 10- महामृत्युंजय कवच का नित्य पाठ करें एवं नव नाग स्तोत्र का भी पाठ करें । 50,000 से भी ज्यादा लोगों को मिला अपनी कम्युनिटी से सही रिश्ता। FamilyShaadi.com। " आज ही रजिस्टर करें | जीवनसंगी की तलाश है? तो आज ही भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें -नि शुल्क रजिस्ट्रेशन !





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