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केनरा बैंक को मार्च तिमाही में 4,860 करोड़ का घाटा



यूको बैंक को 2,134 करोड़, इलाहाबाद को 3,509 का घाटा एजेंसी | नई दिल्ली एनपीए के लिए प्रोविजनिंग तीन गुना बढ़ने से केनरा बैंक को मार्च तिमाही में 4,860 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है। यह केनरा बैंक का सबसे बड़ा घाटा तो है ही, देश के बैंकिंग इतिहास का दूसरा बड़ा तिमाही घाटा है। बैंक ने पिछली तिमाही 8,762 करोड़ की प्रोविजनिंग की, जबकि मार्च 2017 में यह रकम सिर्फ 2,924 करोड़ थी। 2016-17 की मार्च तिमाही में बैंक को 214 करोड़ का मुनाफा हुआ था। पूरे साल में बैंक को 4,222 करोड़ का घाटा हुआ है, जबकि 2016-17 में 1,122 करोड़ का मुनाफा हुआ था। बैंक ने 2,450 करोड़ का टैक्स राइटबैक किया है। यानी इतनी रकम खाते में वापस आई है। ऐसा नहीं होने पर घाटे की रकम इतनी और बढ़ जाती। बैंक का ग्रॉस एनपीए 9.63% की तुलना में 11.84% हो गया है। इलाहाबाद बैंक: मार्च तिमाही में 3,509 करोड़ का घाटा हुआ है। प्रोविजनिंग भी 1,490 करोड़ से 3 गुना बढ़कर 5,126 करोड़ हो गई है। पूरे साल में बैंक को 4,674 करोड़ का नुकसान हुआ। ग्रॉस एनपीए 13.09% से बढ़कर 15.96% हो गया है। यूको बैंक:



इसने 2,134 करोड़ घाटे की जानकारी दी है। मार्च 2017 में भी इसे 588 करोड़ का नुकसान हुआ था। सालाना घाटा 1,850 करोड़ से बढ़कर 4,436 करोड़ हो गया है। ग्रॉस एनपीए 17.12% के मुकाबले 24.64% दर्ज हुआ है। सबसे बड़े 5 तिमाही घाटे बैंक घाटा तिमाही पंजाब नेशनल बैंक 5,367 मार्च 2016 केनरा बैंक 4,860 मार्च 2018 केनरा बैंक 3,905 मार्च 2016 बैंक ऑफ इंडिया 3,587 मार्च 2016 इलाहाबाद बैंक 3,509 मार्च 2018 (घाटा करोड़ रुपए में)





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