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शऽऽऽ... सरकार धरने पर है, 7 बार एलजी से मिलने का समय मांगा, जब मिला तो राजनिवास में ही धरने पर बैठे मुख्यमंत्री



हमारी मांगें मानना एलजी का दायित्व: केजरीवाल, मांगें मनवाने के लिए धमका रहे हैं सीएम: एलजीसुबह से ही तैयार थी स्क्रिप्ट ; एलजी हाउस जाने से 6 घंटे पहले पीसी, ट्विटर और विस में एलजी पर 21 बार हमलानई दिल्ली.दिल्ली में सोमवार को फिर सियासी पारा उफान पर आ गया। एलजी अनिल बैजल से मिलने पहुंचे सीएम मुलाकात के बाद राजनिवास में ही धरने पर बैठ गए। केजरीवाल के साथ डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया, मंत्री सत्येंद्र जैन और के साथ वहीं धरने पर बैठे। केजरीवाल और उनके मंत्रियों की मांग है कि एलजी दिल्ली में आईएएस अफसरों की हड़ताल खत्म कराएं, हड़ताल के लिए अफसरों पर कार्रवाई करें और राशन की डोर स्टेप डिलीवरी की योजना को मंजूरी दें।केजरीवाल और सिसोदिया ने राजनिवास से ही ट्वीट कर कहा-एलजी मिले पर उन्होंने हमारी मांगें मानने से इंकार कर दिया। जब तक ये तीनों मांगें नहीं मानी धरना खत्म नहीं होगा। हमारी मांगे मानना एलजी का दायित्व है। वहीं, एलजी अनिल बैजल ने कहा-आईएएस ऑफिसर्स को तुरंत बुलाकर एक्शन करने की मांग के साथ मुख्यमंत्री ने धमकी दी। ये बिना वजह धरना है।अंदर ‘सरकार’ तो बाहर साथी धरने पर बैठेधरने की खबर मिलते ही राजनिवास के बाहर आधा दर्जन से



ज्यादा आईपीएस अधिकार समेत 150 पुलिस कर्मी तैनात कर दिए गए। सांसद को बेरिकेट्स पर रोक दिया। मंत्री राजेंद्र पाल गौतम समेत कई विधायकों को पुलिस ने रोका तो वहीं धरने पर बैठ गए।सीएम की मांग है कि हड़ताली अफसरों पर कार्रवाई हो, सीएस ने बयान जारी कर कहा- हम हड़ताल पर नहीं हैंदिल्ली में कोई अधिकारी या कर्मचारी 19 फरवरी की आधी रात को सीएम आवास पर मारपीट की घटना के बावजूद हड़ताल पर नहीं है। घटना के बाद अधिकारियों ने उपराज्यपाल, गृहमंत्री, कैबिनेट सेक्रेटरी से मुलाकात के अलावा कैंडल मार्च भी निकाला था लेकिन काम प्रभावित नहीं किया। यहां तक की छुट्टी के दिन भी कई बार काम किया। मुख्यमंत्री केजरीवाल ने एक बार बैठक का संदेश भेजा लेकिन फिर बाद में मुलाकात का टाइम नहीं दिया। न ही उनकी तरफ से मामला सुलझाने का कोई प्रयास किया गया।विधानसभा में गैरहाजिर रहने पर पहली बार किसी सीएम के खिलाफ दायर की गई याचिकाकरावल नगर विधानसभा से आप के बागी विधायक कपिल मिश्रा ने सीएम केजरीवाल के विधानसभा में अनुपस्थित रहने पर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। यह पहला मामला है, जब किसी सीएम के विधानसभा में अनुपस्थित रहने पर याचिका दायर की गई है।कार्यकर्ताओं को संदेश भेजा गया बड़ी संख्या में पहुंचेंराजनिवास के अंदर मुख्यमंत्री अपने तीन मंत्रियों के साथ डटे हैं तो बाहर आम आदमी पार्टी के विधायक और आप के नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जमे हैं। आम आदमी पार्टी ने सुबह के लिए कार्यकर्ताओं को संदेश भेजा है कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचें। नजदीकी मेट्रो स्टेशन तीस हजारी और सिविल लाइंस हैं।याचिका में कोर्ट से की गईं ये तीन मांगें- विधानसभाा में 50 फीसदी अनुपस्थिति पर सीएम और विधायकों को सैलरी न दी जाए। - विधानसभा में विधायकों की 75% उपस्थिति अनिवार्य की जाए। - कोर्ट एलजी और विधानसभा अध्यक्ष को सीएम की विस में उपस्थिति सुनिश्चित करने का आदेश दे।उपस्थिति के लिए फिलहाल कोई नियम नहीं- विधानसभ में विधायकों के लिए उपस्थिति के लिए अभी तक फिलहला ऐसा कोई नियम नहीं है, जिससे विधायक पर कार्रवाई हो सके।- आर्टिकल 101 के अनुसार अगर सांसद (लोकसभा, राज्यसभा) 60 मीटिंग में अनुपस्थित रहता है तो उसके पद को रिक्त कर दिया जाता है।





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